प्रशिक्षण प्रक्रिया एवं विधि
प्रशिक्षण प्रक्रिया एवं विधि
१. प्रशिक्षणार्थियों का चयन
एक निश्चित विषय में प्रशिक्षण देने के लिए वाल पेन्टिंग, बैनर, समाचार-पत्र, मौखिक प्रचार प्रसार किया जाता है व प्रार्थना पत्र भरवा कर रजिस्ट्रेशन किया जाता है । साक्षात्कार समिति द्वारा साक्षात्कार के जरिए चयन किया जाता है।
२. दक्ष प्रशिक्षक
संस्थान में प्रशिक्षण विषय में पांरगत, दक्ष व पढ़ाने समझाने में कुशल प्रशिक्षक को समाचार-पत्रों में विज्ञापन देकर साक्षात्कार समिति द्वारा साक्षात्कार के जरिए चयन किया जाता है।
३. प्रशिक्षण विषय
प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यकतानुसार सैधान्तिक व प्रेक्टिकल के जरिए विषय की जानकारी सरल भाषा में दी जाती है। इससे पूर्व ईश प्रार्थना से सत्र को प्रारम्भ किया जाता है। प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यक टिप्स श्यामपट्ट पर लिखकर समझाए जाते है। प्रशिक्षणार्थियों को बीच-बीच में सरल प्रश्न पूछते हुए विषय को क्रमवार आगे बढ़ाया जाता है ताकि प्रशिक्षणार्थियों की न केवल विषय में रूचि बनी रहे अपितु विषय के अन्दर तह तक जाने की कोशिश करें।
४. प्रेक्टीकल
अगले दिन प्रथम कालांश में पूर्व दिन के पढाये हुए विषयों की संक्षेप में पुर्नावृति की जाती है ताकि विषय का तारतम्य बना रहे एवं प्रशिक्षणार्थियों को विषय के प्रति अरूचि नहीं हो। आवश्यक व सम्बन्धित प्रेक्टीकल कार्य भी साथ-साथ कराये जाते है जिससे विषय समझने में आसान हो जाता है व दक्षता का विकास होता रहे।
५. अन्य विषय
तकनीकी व सैधान्तिक विषयों के साथ-साथ नैतिकता, सकारात्मक सोच, व्यक्तित्व विकास, बैंकिंग योजनाएँ, व्यापार व सेना, ग्राहक सम्बन्ध आदि विषयों की जानकारी भी विभिन्न विशेषज्ञों को आमंत्रित करके दी जाती है।
६. खेलकूद
उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रातः योगा कराया जाता है। इनडोर व आउटडोर गेम्स कराये जाते हैं। बैडमिंटन व बॉलीबाल शाम को नियमित रूप से खेले जाते हैं। शतरंज, कैरम के शौकिन इनसे मनोरंजन करते है।
७. पुस्तकालय
हमारे संस्थान में एक पुस्तकालय भी बनाया गया है जिसमें हिन्दी, अंग्रेजी के समाचार-पत्र, पत्र-पत्रिकाएँ व विभिन्न विषयों पर पुस्तकें उपलब्ध है। साहित्य व पठन में रूचि वाले प्रशिक्षणार्थियों को पुस्तकालय से पुस्तकें जारी की जाती है।
८. पाक्षिक परीक्षा प्रणाली
प्रत्येक पखवाड़े के अध्ययन उपरान्त सैधान्तिक व प्रेक्टीकल परीक्षा ५० अंकों की ली जाती है। ५०-५० अंकों के चार टेस्ट लिये जाते है। प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी द्वारा सीखे हुनर की इस परीक्षा से जाँच हो जाती है।
९. छात्रावास व्यवस्था
संस्थान द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के प्रशिक्षणार्थियों के लिए आवास की सुविधा प्रदान की जा रही है। जहाँ पलंग, बिस्तर, रजाई, गद्दे, तकिया, चादर आदि उपलब्ध कराये जाते हैं। नहाने धोने के लिए स्नानघर उपलब्ध है।
१०. प्रमाण-पत्र वितरण
सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है।
प्रशिक्षण कलेण्डर वर्ष 2008 - 2009 |
| क्रम |
प्रशिक्षण |
योग्यता |
अवधि |
| 1 |
Computant |
10th |
60 दिन |
| 2 |
Computer assembling and hardware maintenance |
10th |
45 दिन |
| 3 |
Motor Driving and motor mechanic |
8th |
30 दिन |
| 4 |
Security Guard |
8th |
30 दिन |
| 5 |
Hair Saloon and Beauty parlour |
8th |
45 दिन |
| 6 |
Household wiring & repair of domestic electric appliances |
8th |
60 दिन |
| 7 |
Repair and servicing of two-wheeler |
8th |
45 दिन |
| 8 |
Carpentry cum furniture making |
5th |
45 दिन |
| 9 |
Mobile repairing |
10th |
45 दिन |
| 10 |
Repair and maintenance of Radio, T.V & C.D, DVD etc. |
10th |
45 दिन |
| 11 |
Plumber |
5th |
25 दिन |
| 12 |
Cutting and Tailoring |
5th |
60 दिन |
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